बेतिया(प.चं.) :: सरकार के विरुद्ध विरोधियों पार्टियों के द्वारा समाहरणालय गेट पर किया गया धरना- प्रदर्शन

शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी, बेतिया पश्चिम चंपारण बिहार। विरोधी राजनीतिक पार्टियों के द्वारा समाहरणालय स्थित गेट पर विशाल जन प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार, बिहार सरकार द्वारा जन सरोकार के मुद्दों को अनदेखी और बढ़ते भ्रष्टाचार और जनता पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ ज्ञापन सौंपा गया सभी, सभी विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ता गण, पदाधिकारी गण इस धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में उपस्थित रहे।


धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में होने वाले विरोधी पार्टियों के नेताओं के द्वारा यह मांग की गई कि बिहार सरकार, भारत सरकार को रेलवे के निजीकरण की समर्थक है ,यह नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है, छात्र, नौजवान अपने भविष्य के लिए जब निजीकरण के खिलाफ सड़क पर आ रहे हैं तब कई राज्यों की सरकारें उन पर जुल्म ढा रही हैं, अधिकारी छात्रों को पीट रहे हैं ,और सरकार गंभीर धाराओं में जेल में बंद कर रही है। बिहार के छात्र ,नौजवान ,नीतीश की एनडीए सरकार को भी माफ नहीं करेगी। सरकार अविलंब छात्रों को रिहा करे और दायर मुकदमा वापस ले।जन आंदोलन में सभी राजनीतिक विरोधी पार्टियों के एकजुटता पर बिहार सरकार और केंद्र सरकार जमकर निशाना साधा गया और यह मांग की गई के रिजर्व बैंक, सीबीआई ,चुनाव आयोग से लेकर न्यायपालिका तक सरकार ने अंकुश लगा रखा है, आर्थिक मोर्चे पर सरकार बुरी तरह नाकाम है, सरकारी उपकरणों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, रेलवे से लेकर संचार सेवाओं की केंद्र सरकार बोली लगा रही है, यह बड़ी चिंता के विषय बना हुआ है लेकिन देशभक्ति की चासनी में इसे भी कहा जा रहा है कि भारत में सब अच्छा है, सरकार की नीतियों की वजह से देश के किसानों का हाल बुरा है ,उन्हें बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ा है ,किसानों को उसकी फसलों का दाम नहीं मिलता है और युवाओं के काम, फिर भी कहा जा रहा है कि भारत में सब अच्छा है। सरकार किसानों का कर्ज माफ करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है ,लेकिन अमीरों पर बेहतर मेहरबान है ,हाल ही में स्टेट बैंक में दिए गए क्षेत्र के खाते में डाल दिया है, देश के दूसरे बैंकों को मिलाकर हो जाती है ,इससे सरकार को समझा जा सकता है।
विरोधी पार्टियों के नेताओं ने अपने धरना -प्रदर्शन में आवाज लगाई के एक तरफ केंद्र सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है तो दूसरी तरफ बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के विकास की तस्वीर पटना और बिहार के लोगों ने पानी और बा ढ में देख ली है ,पटना में विकास सड़कों पर तैरती दिखाई दे रहा है, मंत्री से लेकर संतरी तक पानी में फंसने के प्राकृतिक आपदा का राग अलाप रहे थे ,लेकिन 15 साल के सुशासन की तस्वीरें डराने वाली पानी ने सरकार के चेहरे को पानी-पानी कर दिया। पटना के जल जमाव के बाद नीतीश कुमार के 15 साल के लेकर बस इतना ही कहा जा सकता है कि 15 साल बहुत बुरा हुआ ,सभी राजनीतिक विरोधी पार्टियों के नेताओं ने यह भी बताया कि बाढ़ और पानी ने तो सुशासन को चमक उतार दी। सृजन घोटाला ,शेल्टर होम बलात्कार मामला ,मोबाइल घोटाला से लेकर हाल में उजागर हुआ कई घोटाले नीतीश सरकार के 15 साल के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों को जिस तरह की यातनाएं दी गईं वह पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली घटना कही जाती है, साथ ही बिहार में शिक्षा का हाल किसी से छुपा नहीं है ,सरकारी स्कूलों में सब कुछ हो रहा है ,बेहतर शिक्षा के सिवा नीतीश कुमार के राज में शिक्षा के क्षेत्र में कई तरह के घोटाले हुए, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का छवि को दागदार किया ,शिक्षकों का हाल भी बुरा है उन्हें उनके अधिकारों को वंचित रखा जा रहा है तथा वेतन भुगतान के मामले में सरकार बहुत पीछे है।
इस धरना प्रदर्शन में राजनीतिक विरोधी पार्टियों के नेताओं में शामिल,, रामा शंकर प्रसाद कुशवाहा जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, चांद सी प्रसाद यादव कार्यकारी सचिव भा कपा पश्चिमी चंपारण ,ओमप्रकाश क्रांति, जिला सचिव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, नरेंद्र कुमार शर्मा, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमिटी ,कैलाश प्रसाद ,प्रभु नाथ गुप्ता माकपा, उदय चंद्र झा, महासचिव कांग्रेस, जवाहर प्रसाद सीपआई ,संजय गुप्ता आरएलएसपी, उमेश पटेल कांग्रेस, नंदकिशोर प्रसाद कुशवाहा राष्ट्रीय सचिव रालोसपा, इत्यादि अन्य नेतागण इस विरोधी जन प्रदर्शन में सम्मिलित थे।
सभी राजनीतिक विरोधी पार्टियों के नेताओं ने भाषण के द्वारा लोगों को जगाने का काम किया और बिहार सरकार और केंद्र सरकार के विरोध में चलाई जा रही अपनी नीतियों के बारे में लोगों को अवगत कराया तथा लोगों से अनुरोध किया कि आने वाले चुनाव में केंद्र सरकार और बिहार सरकार को दोबारा फिर नहीं आने देने के लिए प्रेरित किया, आम जनता के सभी कठिनाइयों को दूर किया जा सके और जनता खुशहाल रहे।


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